Thaneshwar sahu

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बीजापुर : भारतीय थल सेना द्वारा आगामी 3 मार्च से 12 मार्च 2021 तक पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम दुर्ग में थल सेना भर्ती रैली का आयोजन किया गया है। इस भर्ती रैली में थल सेना रैली धमतरी जून 2020 हेतु 15 मई 2020 तक ऑनलाईन आवेदन प्रतिपूरित करने वाले आवेदक शामिल हो सकते हैं। उक्त भर्ती रैली में हिस्सा लेने के लिए वेबसाईट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाॅट ज्वाइनइंडियनआर्मी डाॅट एनआईसी डाॅट इन पर पंजीकृत आईडी एवं पासवर्ड के जरिये लाॅगिन कर प्रवेश पत्र डाउनलोड किया जा सकता है। जो आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बीजापुर के माध्यम से आवेदन पत्र प्रतिपूरित किये हैं, वे 18 फरवरी से उक्त कार्यालय में संपर्क कर प्रवेश पत्र पंजीकृत आईडी एवं पासवर्ड तथा भर्ती रैली सम्बन्धी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा अन्य आवेदक निर्धारित समय पर सुविधानुसार स्वयं या किसी निजी कम्प्यूटर सेंटर्स के जरिये उक्त वेबसाईट पर लाॅगिन कर प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। जिला रोजगार अधिकारी बीजापुर से मिली जानकारी के अनुसार उक्त थल सेना भर्ती रैली में सम्मिलित होने वाले आवेदकों को वेबसाईट से डाउनलोड प्रवेश पत्र, सफेद बैकग्राउण्ड में खींचे गये पासपोर्ट आकार के 20 नग फोटो, 5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं एवं अन्य शैक्षणिक योग्यता की अंकसूची, जाति, निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, अविवाहित प्रमाण पत्र, नोटरी से तैयार शपथ पत्र, व्यक्तिगत बैंक खाता क्रमांक, पैनकार्ड, आधार कार्ड, टैटू सर्टिफिकेट, शासकीय अस्पताल का मेडिकल सर्टिफिकेट (कोविड-19 सहित) की मूलप्रति एवं छायाप्रति के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है। इसके साथ ही नेशनल केडेट कोर तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के खेलकूद प्रतियोगिता सम्बन्धी प्रमाण पत्र होने पर उसकी मूलप्रति एवं छायाप्रति प्रस्तुत कर सकते हैं। थल सेना भर्ती रैली में शामिल होने वाले आवेदक साढ़े 5 सेकण्ड में 1600 मीटर की दौड़, बीम पुलअप 10 बार, 9 फीट गड्ढा जम्पिंग, जिगजैग वाॅक आदि आवश्यक शारीरिक दक्षता सम्बन्धी तैयारी नियमित रूप से कर सकते हैं।  

25 Feb 2021 09:02AM,
by: Thaneshwar sahu
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रायपुर : छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा राजधानी रायपुर के घड़ी चौक के पास, कलेक्टोरेट उद्यान परिसर में निःशुल्क योग कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। यहां योग आयोग के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रतिदिन सुबह 6 से 7 बजे तक योग सिखाया जाता है। रायपुर शहर के नागरिक उद्यान में निःशुल्क योग सीख सकते हैं। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के कारण कलेक्टोरेट गार्डन में चल रही योग कक्षा बंद कर दी गई थी। समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया की पहल पर एक फरवरी से पुनः योग कक्षाएं शुरू की गई हैं। योग आयोग द्वारा योग के माध्यम से नागरिकों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ नशापान और दुर्रव्यसनों से दूर कर सामाजिक परिवर्तन के उद्देश्य से प्रतिदिन निःशुल्क योग प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टोरेट उद्यान परिसर में फिट रहने रोज पहुंच रहे लोग

25 Feb 2021 08:09AM,
by: Thaneshwar sahu
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कोण्डागांव : जिले में कोरोनाकाल के दौरान स्कूली बच्चों को बांटे गये सूखे राशन एवं सामाग्री वितरण के संबंध में जनदर्शन में स्व सहायता समूहों द्वारा प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाते हुए इस प्रकरण की एक सप्ताह के भीतर जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए जांच समिति का गठन किया। इस समिति में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के संरक्षण में तहसीलदार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सम्मिलित होंगे। यह समिति सूखा राशन किनके द्वारा, किनके आदेश पर, कब कब बांटा गया? क्या सही मात्रा में बांटा गया? क्या वितरित सामग्री का भुगतान मूल्य बाजार मूल्य के अनुसार था? क्या वितरित सामग्रियों से पालक बच्चे संतुष्ट थे? क्या पर्याप्त मात्रा में बांटा गया? क्या सामग्रियों की गुणवत्ता मूल्यानुसार थी? कितना राशि भुगतान किनके द्वारा किया गया? आदि बिन्दुओं पर जांच करेगी। यह जांच समिति प्रत्येक विकासखण्डवार रिपोर्ट बनायेगी। इसके लिये दो दिनों से अलग-अलग टीमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जा कर जांच के साथ बयान एवं दस्तावेज एकत्रित करने का कार्य कर रही है।

25 Feb 2021 05:05AM,
by: Thaneshwar sahu
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दुर्ग : राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के मार्गदर्शन में विशेष अभियान ’’ प्रयास ( एक कदम साइबर अपराध को रोकने हेतु) के अंतर्गत 21 फरवरी से 25 फरवरी 2021 तक तहसील कार्यालय में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम में न्यायाधीश गणों द्वारा आम जनता को साइबर अपराध से संबंधित जानकारी प्रदान की जा रही है। न्यायाधीश गणों द्वारा बताया गया है कि लॉकडाउन में लोग घरों में बैठे हैं और ज्यादातर समय इंटरनेट पर बीत रहा है। बैंकिंग का काम भी ऑनलाइन हो रहा है। ऐसे में कुछ हैकर्स एक्टिव होकर मौके का फायदा उठा रहे हैं और लोगों को कभी कोई स्कीम के नाम पर तो कभी डोनेशन के नाम पर चूना लगा रहा हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर ठगने का काम भी कर रहे हैं। ऐसे में सोशल नेटवर्किंग का इस्तेमाल करते समय अलर्ट रहना चाहिए। हाल ही में फर्जी फेसबुक अकाउंट से धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। साइबर ठग फेसबुक का फर्जी अकाउंट खोलकर लोगों से चीटिंग कर रहे हैं और यह काम इतनी होशियारी से किया जा रहा है कि यूजर्स को खबर तक नहीं लग पाती कि उसके फर्जी खाते का इस्तेमाल किया जा रहा है। साइबर ठग सबसे पहले आपके प्रोफाइल से आपका फोटो डाउनलोड कर के आपके नाम से फेक अकाउंट बनाकर आपके फ्रेंड को रिक्वेस्ट भेजता है। जैसे ही फ्रेंड रिक्वेस्ट को आपका फेसबुक फ्रेंड मंजूर करता है वैसे ही, आपके फ्रेंड से डोनेशन के नाम पर पैसे मांगा जाता है। ये साइबर ठग अपनी बातों में ऐसे उलझाते हैं कि लोग उनके झांसे में आ जाते हैं। फिर वॉलेट से पैसा मांग जाता है। कुछ ऐसे भी मामले आए हैं, जिनमें साइबर ठग लोगों को विश्वास में लेकर उनके वॉलेट की जानकारी मांगते हैं और फिर उसे खाली कर देते हैं। इस बारे में अलर्ट भी किया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय बेहद अलर्ट रहे ंऔर किसी डोनेशन के मेल या रिक्वेस्ट पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड बदलते रहें। अपने सोशल अकाउंट की प्राइवेसी को बदलते रहें। अपनी फ्रेंड लिस्ट को प्राइवेट रखें। अपने सोशल मीडिया अकाउंट को पब्लिक न करें। संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (क) के तहत सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी दी गई है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने इसे प्रोत्साहित करने में अहम रोल निभाया। अगर किसी पोस्ट पर या फिर किसी पोस्ट को शेयर करने से किसी की भावना आहत होती है या दो समुदायों के बीच नफरत पैदा होती है, तो आपको जेल जाना पड़ सकता हेै। इसके तहत अगर आप फेसबुक, ट्विटर, टिक टॉक, शेयर चैट, यूट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया पर किसी भी तरह का आपत्तिजनक, भड़काऊ या फिर अलग-अलग समुदायों के बीच नफरत पैदा करने वाला पोस्ट, वीडियो या फिर तस्वीर शेयर करते हैं, तो आपको जेल जाना पड़ सकता है। इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी यानी आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 में प्रावधान किया गया है कि अगर कोई इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आपत्तिजनक पोस्ट करता है या फिर शेयर करता है, तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि यदि कोई टिक टॉक, शेयर चैट, फेसबुक, ट्विटर समेत किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके अलग-अलग समुदायों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ आईटी की धारा 67 के तहत कार्रवाई की जाती है।

25 Feb 2021 04:26AM,
by: Thaneshwar sahu