Thaneshwar sahu

Generic placeholder image

रायपुर :मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के पुरोधा रहे पंडित माधवराव सप्रे की पेन्ड्रा में प्रतिमा स्थापित की जायेगी और यहां उनके नाम पर सर्वसुविधा युक्त प्रेसक्लब भवन का निर्माण होगा। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के प्रवास पर आये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने प्रेस क्लब भवन के लिये 50 लाख रुपये की राशि भी मंजूर की। उन्होंने कहा कि यह प्रेस क्लब भवन लाइब्रेरी व अन्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। ज्ञात हो कि पेन्ड्रा पंडित माधवराव सप्रे की कर्मभूमि रहा है और यहीं से अविभाजित मध्यप्रदेश के पहले अखबार ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ का प्रकाशन शुरू हुआ था।

06 Jan 2021 03:25PM,
by: Thaneshwar sahu
Generic placeholder image

प्रणब मुखर्जी की किताब से खुलासा, 2014 में कांग्रेस के पास नहीं था करिश्माई नेतृत्वपूर्व राष्ट्रपति दिवंगत प्रणब मुखर्जी ने अपनी पुस्तक में लिखा पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत प्रणब मुखर्जी ने पुस्तक में लिखा है कि कांग्रेस का करिश्माई नेतृत्व खत्म होने की पहचान नहीं कर पाना 2014 के लोकसभा में उसकी हार के कारणों में से एक रहा। मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल में संसद को सुचारु रूप से चलाने में विफल रही। Publish Date:Wed, 06 Jan 2021 06:55 AM (IST)Author: Arun Kumar Singh नई दिल्ली, प्रेट्र। पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत प्रणब मुखर्जी ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि कांग्रेस का अपना करिश्माई नेतृत्व खत्म होने की पहचान नहीं कर पाना 2014 के लोकसभा में उसकी हार के कारणों में से एक रहा। मुखर्जी ने अपने संस्मरण द प्रेसिडेंसियल ईयर्स, 2012-2017 में यह भी कहा कि मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल में संसद को सुचारु रूप से चलाने में विफल रही। उन्होंने यह पुस्तक पिछले साल अपने निधन से पहले लिखी थी। मंगलवार को यह पुस्तक बाजार में आई। उन्होंने इस पुस्तक में यह भी लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा करने से पहले उनके साथ इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की थी, लेकिन इससे उन्हें हैरानी नहीं हुई क्योंकि ऐसी घोषणा के लिए आकस्मिकता जरूरी है।

06 Jan 2021 07:30AM,
by: Thaneshwar sahu