Thaneshwar sahu

Generic placeholder image

कोरबा : अपनी मेहनत के पसीने से सींच कर खेतो में धान उगाने के बाद उसे बेचने में होने वाली कठिनाई और मशक्कत से कोरबा जिले के दो हजार 773 किसानों को छुटकारा मिल गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के किसानों को अपना धान सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए हर संभव सुविधा दी है। कोरबा जिले में राज्य शासन ने पिछले दो वर्षाे में 14 नई सहकारी समितियां और सात नए उपार्जन केन्द्र शुरू किए हैं। निरधि, नोनबिर्रा, कुलहरिया, सुमेधा, दादर खुर्द, लबेद और तरईनारा में शुरू हुए इन नए उपार्जन केन्द्रो को मिलाकर जिले में अब 49 धान खरीदी केंद्रोे में किसानों का धान समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है। इन नए धान खरीदी केन्द्रो के शुरू होने से किसानों को अपना धान बेचने में काफी सहूलियत हुई है। पहले उन्हें अपनी मेहनत से उपजाए धान को बेचने के लिए 20 से 25 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता था। धान को उपार्जन केन्द्र तक ले जाने के लिए ट्रैक्टर गाड़ी आदि की व्यवस्था में समय और पैसा दोनों ही खर्च होता था। कभी-कभी उपार्जन केन्द्र पर धान की आवक अधिक होने से रूकना भी पड़ जाता था। ऐसे में राज्य शासन ने किसानों को आसानी से अपनी फसल खरीदी केन्द्रो पर बेचने के लिए पूरे प्रदेश में 260 नए केन्द्र शुरू किए हैं।

29 Dec 2020 05:43AM,
by: Thaneshwar sahu
Generic placeholder image

महासमुंद :कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के निर्देशानुसार आज राजस्व एवं खाद्य विभाग की टीम ने जिले में 10 प्रकरणोें पर 320 बोरा धान अर्थात् (128 क्विंटल) धान जप्त किए गए। प्राप्त जानकारी अनुसार इनमें महासमुंद तहसील के ग्राम रायतुम निवासी संजय अग्रवाल से 25 बोरी धान, ग्राम तुमगांव निवासी गोकुल साहू से 30 बोरी धान, ग्राम पासिद निवासी टिकेश्वर निषाद से 50 बोरी एवं ईशु कुमार से 30 बोरी धान, ग्राम जलकी निवासी मोती निषाद से 25 बोरी धान, ग्राम छपोराडीह निवासी राजेन्द्र सेन से 25 बोरी धान, ग्राम मरौद निवासी दक्ष कुमार यादव से 30 बोरी धान एवं ग्राम सिरपुर निवासी कमल किशोर टावरी से 25 बोरी धान जप्त किया गया तथा इसी प्रकार पिथौरा तहसील के ग्राम भुरकोनी निवासी राधेश्याम अग्रवाल से 30 बोरी धान एवं सरायपाली तहसील के ग्राम पे्रतेनडीह निवासी प्रशांत बारिक से 50 बोरी धान जप्त कर आवश्यक कार्यवाही किया गया।अब तक जिले में कुल 158 प्रकरण दर्ज किए गए है। जिनमें 8325 बोरा धान अर्थात् 3330 क्विंटल धान की जप्ती की गई है। इनमें 10 वाहन भी शामिल हैं।

29 Dec 2020 05:43AM,
by: Thaneshwar sahu
Generic placeholder image

  रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अनुसूचित जनजाति और वनांचलों क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जनजाति इलाकों में मूलभूत अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार कार्य जारी है। बस्तर जिले के बस्तर विकासखंड के पाथरी गोंदियापाल के ग्रामीणों ने कपारी नाला में पुलिया और एप्रोच रोड़ बनाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें कपारी नाला में पुलिया नहीं होने के कारण 10 किलोमीटर का लम्बा रास्ता तय कर दैनिक उपयोग की सामानों का खरीदी-बिक्री हाट बाजार से कर पाते थे साथ ही नाले में पुलिया नहीं होने के कारण दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती थी। अब वनांचलों में सड़कों, पुल-पुलियों के बन जाने से लोगों को हाट बाजार और रोजी-रोजगार के कार्यों के लिए आने-जाने की सुविधा हो गई है। जनजाति और वनांचल क्षेत्रों में आवागमन सुविधा बढ़ाने विशेष जोर

29 Dec 2020 02:36AM,
by: Thaneshwar sahu