Thaneshwar sahu

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 बेमेतरा : बेमेतरा जिले के विकासखण्ड बेरला के ग्राम अतरगढी के एक परिवार मे 16 वर्षीय नाबालिग बालिका का विवाह ग्राम बावनलाख के 19 वर्षीय युवक के साथ किये जाने की सूचना पर जिला महिला एवं बाल विकास के परियोजना अधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी विद्यानंद बोरकर के निर्देश व जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योम श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में विभाग की टीम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्थानीय ग्राम संरपंच व कोटावार तथा प्रबुद्ध नागरीको की सहायता से उन बालक व बालिका के निवास स्थान पर पहुॅचे, वर-वधु पक्ष को समझाईस दी गई जिस पर उनके द्वारा सहर्ष ही बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत ही विवाह किये जाने हेतु अपनी सहमति प्रदान की तथा बारात वापस ले जाने की बात कही गई, बालिका के परिजनों ने कहा कि हमें यह ज्ञात नहीं था कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह गैर कानूनी है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने रोका बाल विवाह, इस जिले का मामला

29 Nov 2020 03:02AM,
by: Thaneshwar sahu
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बलरामपुर : कोविड-19 की विपरित परिस्थितियों में राज्य शासन ने शैक्षणिक संस्थाओं के बंद होने से शिक्षा अवरूद्ध न हो इसके लिए ‘‘पढ़ई तुहंर दुआर’’ आनलाईन तथा मोहल्ला क्लास जैसी आफलाईन वैकल्पिक व्यवस्था प्रारंभ की है। ‘‘पढ़ई तुहंर दुआर’’ योजना बच्चों में शिक्षा की अलख बनाये रखने में कारगर साबित हुई है। कोविड-19 की चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में जिले के कलेक्टर श्याम धावड़े के निर्देशन एवं जिला शिक्षा अधिकारी बी.एक्का के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में तथा शिक्षकों के संयुक्त प्रयास से जिले में शिक्षा का अविरल धारा लगातार प्रवाहित हो रही है। पढ़ई तुहंर दुआर को साकार करने में सुदूर अंचल के दो दिव्यांग शिक्षकों के द्वारा लगातार मोहल्ला क्लास संचालित कर अनुकरणीय प्रयास किया गया है। एक ओर जहां विकासखण्ड कुसमी में प्राथमिक शाला टाटीझरिया में पदस्थ दिव्यांग शिक्षक सुरेन्द्र गुप्ता के द्वारा लगातार मोहल्ला क्लास लेकर बच्चों की पढ़ाई की तारतम्यता बनाये रखे हुए हैं। वहीं विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के माध्यमिक शाला मेघुली के शिवकुमार रवि भी पैर से दिव्यांग होते हुए भी बच्चों को जोड़कर मोहल्ला क्लास संचालित कर रहे हंै। ऐसे शिक्षकों के जजबा व जुनून से जिले के बच्चे प्रतिदिन लगातार पढ़ाई से जुड़े हुए है। न रूकेगी पढ़ाई की तारतम्यता, न थमेगी शिक्षा की रौशनी

29 Nov 2020 03:02AM,
by: Thaneshwar sahu
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राजनांदगांव : एक्सटेंशन रिफॉम्र्स आत्मा योजना अंतर्गत जिले के सभी विकासखंड के गठन ग्रामों में कृषक समूहों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की उन्नत तकनीकों से कृषक समूह को रूबरू कराया जा रहा है। जिन गौठान के वर्मी टांका में केंचुआ नहीं है महिला कृषक समूह को केंचुआ भी प्रदान किया जा रहा है। अब तक जिले में लगभग 750 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन किया जा चुका है, जिसका का विक्रय सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। जिसका सीधा लाभ कृषक एवं महिला समूह को मिल रहा है। विभागीय योजनाओं अंतर्गत किए जा रहे प्रदर्शन में समूह द्वारा उत्पादित वर्मी कंपोस्ट खाद का उपयोग किया जा रहा है। आत्मा योजना अंतर्गत 668 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट विभाग के फसल प्रदर्शन कार्यक्रम में उपयोग किया जा रहा है। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के मार्गदर्शन में वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन के लिए स्वसहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उप संचालक कृषि जीएस धुर्वे द्वारा टीम का गठन किया गया है। टीम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, एटीएम, बीटीएम आदि गौठान में जाकर महिला समूह को प्रशिक्षित कर रहे हैं एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रहे हैं। गौठान में मल्टी एक्टिविटी को बढ़ावा देने हेतु समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषक वर्मी कंपोस्ट उत्पादन के साथ-साथ वर्मी वाश भी तैयार कर रहे हैं। जैविक कीटनाशकों का निर्माण, बीज उपचार का भी निर्माण समूह के माध्यम से किया जा रहा है। विकासखंडों में कृषि समूह एवं खाद्य सुरक्षा समूह तैयार किया जा रहा है साथ ही मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए किसानों को रबी फसल की बुवाई, बीज उपचार तथा खरीफ फसल की कटाई संबंधित सावधानियों के संबंध में किसानों को सलाह दी जा रही है। उप संचालक कृषि द्वारा किसानों को फसल कटाई के उपरांत रबी फसलों की तैयारी के संबंध में उन्नत बीज के उपयोग, कतार विधि, बीज उपचार फसल अवशेष प्रबंधन, वेस्ट डी कंपोजर के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग द्वारा कृषकों से निरंतर अपील की जा रही है कि पैरा दान करें, पराली को ना जलाएं और वेस्ट डी कंपोजर का उपयोग कर फसल अवशेष का प्रबंधन करें। जिले में जैविक खादों का उपयोग विशेषकर गौठान से उत्पादन होने वाले वर्मी कंपोस्ट का उपयोग बढ़ा है, जिससे किसान आर्थिक रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को अधिक जानकारी के लिए क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह भी दी जा रही है।

29 Nov 2020 03:02AM,
by: Thaneshwar sahu