Thaneshwar sahu

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रायपुर :नगरीय प्रशासन मंत्री डाॅ. शिवकुमार डहरिया ग्राम पंचायत कुटेश्वर में आयोजित गुरू घासीदास जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने श्वेत ध्वज के साथ जैतखाम की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख समृद्धि की कामना की। डाॅ. डहरिया ने इस अवसर पर कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश देकर पूरे मानव समाज को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया। उन्होंने जातिविहीन समाज की परिकल्पना करके सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया। बाबा गुरू घासीदास का यह संदेश सभी समाजों के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा में अपने संदेश दिए इसका प्रमाण पंथी गीतों में मिलता है। इस अवसर पर डाॅ. डहरिया ने गांव में पीडीएस के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने कहा है। उन्होंने कार्यक्रम आयोजन के लिए समिति को 40 हजार की राशि स्वेच्छानुदान देने की घोषणा की और सामुदायिक भवन हेतु 6.50 लाख की स्वीकृति, तालाब सौंदर्यीकरण के लिए 20 लाख और आदर्श ग्राम योजना अंतर्गत 40 लाख की स्वीकृति प्रदान की। 

27 Dec 2020 11:10AM,
by: Thaneshwar sahu
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रायपुर :छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पिछले दो वर्षों में की गई कोशिशों को राष्ट्रीयस्तर पर लगातार सराहा जा रहा है। इस दौरान प्रदेश सरकार ने गरीबों को घर उपलब्ध कराने, वर्षा और भूजल को सहेजने, पंचायतों का सशक्तिकरण करने, शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने, स्वच्छता सुनिश्चित करने, कुपोषण दूर करने, पिछड़े हुए क्षेत्रों का तीव्र विकास करने, सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादित करने, मनरेगा और आजीविका मिशन के तहत रोजगार उपलब्ध कराने, बच्चों से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने, ग्राम स्वराज अभियान का क्रियान्वयन करने, बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने समेत अनेक क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं।

27 Dec 2020 10:42AM,
by: Thaneshwar sahu
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बीजापुर : घने जंगलों एवं पहाड़ियों से आच्दादित बीजापुर जिले में यहां के निवासियों के लिए वनोपज संग्रहण एक प्रमुख आय का जरिया है। जिले में ईमली, महुआ, टोरा, हर्रा, बहेड़ा कालमेघ, चिरौंजी आदि लघु वनोपज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, इन सभी के संग्रहण करने के फलस्वरूप संग्राहकों को अच्छी आमदनी होती है। शासन द्वारा इन संग्राहकों को शोषण से बचाने एवं वनोपज का उचित दाम दिलाने के उद्देश्य से 52 प्रजाति के लघु वनोपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। विगत वर्ष 2019-20 में ट्रायफेड द्वारा वन-धन योजना लागू की गयी है, जिसके तहत् महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़कर 25 हाट-बाजार संग्रहण केन्द्रों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज की खरीदी की जा रही है। जिससे स्थानीय संग्राहकों को उनके लघु वनोपज का वाजिब दाम मिल रहा है। यही कारण है कि बीते वर्ष 2019-20 में जिले के अंतर्गत 9 हजार 174 क्विंटल लघु वनोपज का संग्रहण किया गया और संग्राहकों को 2 करोड़ 63 लाख 16 हजार 629 रूपए का भुगतान किया गया। गत वर्ष की उक्त उपलब्धि को मद्देनजर रखते हुए जिले में इस वर्ष 37 हजार क्विंटल लघु वनोपज संग्रहण करने सहित संग्राहकों को 15 करोड़ 22 लाख रूपए भुगतान करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में संग्राहकों को उच्च गुणवत्ता के लघु वनोपज का संग्रहण करने हेतु प्रोत्साहित किये जाने व्यापक प्रचार-प्रसार कर वनोपज क्रय किया जा रहा है। वहीं हाट-बाजार संग्रहण केन्द्रों से क्रय किये गये लघु वनोपज को 4 वन-धन केन्द्रों बीजापुर, भैरमगढ़ आवापल्ली एवं भोपालपटनम में भंडारित किया जा रहा है। इन वन-धन केन्द्रों पर दस-दस महिला स्व-सहायता समूहों के द्वारा संग्रहित लघु वनोपज का प्राथमिक प्रसंस्करण किया जा रहा है। जिससे इन महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार सुलभ होने के साथ ही उनके आय में ईजाफा हो रहा है। जिले में लघु वनोपज के साथ ही हरा सोना अर्थात तेन्दूपत्ता संग्रहण स्थानीय ग्रामीण संग्राहकों के आय का प्रमुख स्त्रोत है। जिले के अंतर्गत 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के द्वारा 514 फड़ों में तेन्दूपत्ता संग्रहण किया जाता है। जिले में तेन्दूपत्ता सीजन 2019 में 80 हजार 500 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण लक्ष्य के एवज में 90 हजार 204 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया तथा 54 हजार 290 संग्राहकों को 36 करोड़ 8 लाख 18 हजार 100 रूपए का भुगतान किया गया वहीं तेन्दूपत्ता सीजन 2020 के दौरान कोविड-19 संकट के बावजूद 80 हजार 500 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण लक्ष्य के विरूद्ध 81 हजार 998 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया और 41 हजार 944 संग्राहकों को 32 करोड़ 79 लाख 95 हजार 352 रूपए का भुगतान किया गया।

27 Dec 2020 08:22AM,
by: Thaneshwar sahu
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कोरबा :कलेक्टर किरण कौशल ने 18 दिसंबर को कोरबा जिला जेल में विचाराधीन बंदी राजू तिवारी की मौत की दण्डाधिकारिक जांच के निर्देश दिए हैं। डिप्टी कलेक्टर श्री बी. आर. ठाकुर को जांच अधिकारी बनाया गया है और 30 दिन के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। कोरबा जेल में विचाराधीन बंदी राजू तिवारी की तबियत खराब होने पर उसे जेलगार्ड, फार्मासिस्ट और मुख्य प्रहरी द्वारा शासकीय जिला चिकित्सालय भेजा गया था। चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में विचाराधीन बंदी का ईलाज चल रहा था और ईलाज के दौरान 18 दिसम्बर को सुबह साढ़े पांच बजे उसकी मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला दण्डाधिकारी ने घटना के मेजिस्ट्रीयल जांच के निर्देश दिए हैं।

27 Dec 2020 08:22AM,
by: Thaneshwar sahu
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दंतेवाड़ा : कुआकोण्डा ग्राम समेली के जबेली के पटेल पारा निवासी नंदे बुदरा के यंहा 27 अगस्त को दो जुड़वा बच्चे लड़का और लड़की का जन्म हुआ। डिलवरी के तुरन्त बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शांति मरकाम ने नंदे के घर गई जब उसने देखा की दो जुड़वा बच्चे है और दोनो ही कम वजन के बच्चे थे जिसमें लड़का का वजन 1 किलो 5 सौ ग्राम तथा लड़की का वजन 9 सौ ग्राम था। बच्चों की बहुत ही दयनीय स्थिति थी। बच्चे बच पायेगें इसकी कोई उम्मीद नही थी। श्रीमती शांति मरकाम ने प्रशासनिक परियोजना अधिकारी श्रीमती बिन्दु स्वर्णकार से सम्पर्क किया और नंदे बुदरा के जुड़वा बच्चों के बारे में जानकारी दी। परियोजना अधिकारी को जानकारी मिलने के बाद उन्होने कंगारू मदर केयर कराने की सलाह दी। जिसमें उनकी सलाह से श्रीमती शांति ने नंदे बुदरा के दानो बच्चों को कंगारू मदर केयर दिलवाया और लगातार कई दिनो तक उसको दिलाती रही। स्तन पान के बारे में जानकारी दी और स्वयं अपने सामने माँ से बच्चों को स्तन पान करवाने के लिए प्रेरित करती रही। लगातार सलाह मशविरा करती रही। प्रतिदिन नंदे बुदरा के घर जाकर बच्चों की देख-रेख करती रही। लेकिन दोनों बच्चों में से लड़की की मौत हो गई है और लड़का को बचाने में सफल हो गये। लगातार उस बच्चे को कंगारू मदर केयर स्तन पान से 3 माह में बच्चे का वजन 1 किलो 5 सौ ग्राम से 4 किलो की वृद्धि हो गई है। बच्चा हष्ट-पुष्ट तंदरूस्त हो गया है उसे किसी भी प्रकार के समस्या नही है। जिसके लिए बच्चे के परिवार कार्यकर्ता को धन्यवाद दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शांति की मेहनत रंग लाई, बच्चे की बचाई जान

27 Dec 2020 08:22AM,
by: Thaneshwar sahu