Thaneshwar sahu

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 कृषि क्षेत्र - बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रों की दुकानों और उनकी मरम्मत के लिए दुकानें / गोदाम खोलना। उर्वरक ट्रकों की आवाजाही।  किराना दुकानें खुल सकती हैं (लेकिन मौहल्लों में केवल स्वतंत्र प्रतिष्ठान, और मॉल और सुपरमार्केट में नहीं) शारीरिक रूप से दुकानें खोलने के बिना, केवल होम डिलीवरी के माध्यम से दैनिक जरूरतों / प्रावधान स्टोर (मौहल्ले और सुपरमार्केट में उन लोगों के लिए स्वतंत्र प्रतिष्ठान जिनके पास नहीं हैं)  बैंकों और डाकघरों को 50% जनशक्ति के साथ खोलने के लिए - केवल व्यापार लेनदेन के लिए, सभी प्रकार के व्यवसायों के लिए।  डाक / डाक सेवाओं के लिए कूरियर सेवाएं (ई-कॉमर्स के लिए नहीं)  इलेक्ट्रीशियन / प्लंबर एसी, कूलर, सैनिटरी फिटिंग की घरेलू सेवाओं / मरम्मत के लिए। इसके अलावा उनकी मरम्मत की दुकानें। एसी, पंखे, कूलर (बिना दुकानें खोले) की होम डिलीवरी। 8. पेट्रोल पंप - सभी उद्देश्यों के लिए खोलना, और बिना समय की पाबंदी के। पोल्ट्री, मांस, अंडा, दूध, डेयरी और डेयरी उत्पादों की दुकानें।  आटा मिल्स (अता चाकी)।  रजिस्ट्री कार्यालय खोलने के लिए, न्यूनतम कर्मचारियों और टोकन प्रणाली (50% कर्मचारियों के साथ, पिछले साल की तरह)। अन्य केवल ऑनलाइन होम डिलीवरी की अनुमति है।  फल और सब्जी के तोले, फेरी करते हुए।  सभी श्रम गहन कार्य और सभी साइट पर काम करता है - पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, पीएचई, वन, पी एंड आरडी / आरईएस / मनरेगा, आदि

04 May 2021 01:24PM,
by: Thaneshwar sahu
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रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में राज्य में कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम सहित इलाज के लिए शासन-प्रशासन के समन्वित प्रयास से सभी आवश्यक उपाय तथा प्रबंध किए जा रहे हैं। राज्य में 4 मई की स्थिति में कुल 73 लाख 67 हजार 888 टेस्ट किये गए हैं। इनमें कुल 7 लाख 71 हजार 701 कोविड प्रकरण पाए गए, जिसमें से वर्तमान में 6 लाख 41 हजार 449 स्वस्थ हो चुके हैं और एक लाख 20 हजार 977 प्रकरण सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़ में कोरोना जांच, इलाज तथा कोरोना टीकाकरण की सुविधा बढ़ाने आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं मरीजों के इलाज के लिए फंड की कोई कमी नहीं होगी। कोविड संक्रमण पर नियंत्रण एवं संक्रमितों की पहचान के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में सेम्पलों की जांच की जा रही है। प्रदेश में प्रति 10 लाख की आबादी पर अब तक 2 लाख 56 हजार 506 सेम्पलों की जांच की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य देश में कुछ गिने-चुने राज्यों में से है, जहां प्रति 10 लाख में सबसे ज्यादा लोगों की टेस्टिंग हो रही है। राज्य में टेस्टिंग क्षमता विशेषकर आरटीपीसीआर एवं ट्रू-नॉट टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने का प्रयास सतत रूप से किया जा रहा है। दैनिक औसत टेस्टिंग माह अप्रैल में बढ़कर 49 हजार 249 हो गई है। छत्तीसगढ़ में प्रति 10 लाख पर 2 लाख 56 हजार 506 टेस्ट किए जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रति 10 लाख पर 2 लाख 15 हजार 670 टेस्ट किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 10 लाख आबादी पर 2036 टेस्ट किए जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिदिन 10 लाख आबादी पर 1223 है। राज्य में हो रही कुल कोविड जांच में अक्टूबर 2020 में आरटीपीसीआर जांच का प्रतिशत 26 प्रतिशत था, जो अप्रैल 2021 में बढ़कर 40 प्रतिशत हो गया है। राज्य में वर्तमान में 31 शासकीय लैब तथा 5 निजी लैब में ट्रू-नॉट जांच की सुविधा उपलब्ध हैं। 7 शासकीय लैब एवं 5 प्रायवेट लैब में आरटीपीसीआर की जांच सुविधा उपलब्ध है। रैपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक उपलब्ध है। राज्य में वर्तमान में 4 नई शासकीय आरटीपीसीआर लैब महासमुंद, कांकेर, कोरबा एवं कोरिया में भी स्थापित की जा रही है तथा प्रत्येक जिले में अतिरिक्त मशीन प्रदाय कर ट्रूनाट लैब की जांच क्षमता भी बढ़ाई जा सकती है। वर्ष 2020 के अंत में माह में प्रति कोविड पॉजिटिव व्यक्ति पर औसत 4-5 कॉन्टेक्ट्स को ट्रैक किया जाता था और वर्तमान में औसत 7 व्यक्तियों को ट्रैक एवं टेस्ट किया जा रहा है। राज्य में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए राज्य शासन द्वारा 6 मेडिकल कालेज और एम्स रायपुर सहित 37 डेडिकेटेड तथा कुल 154 कोविड केयर सेंटर तैयार किए गए हैं। राज्य के प्रत्येक जिले में डेडिकेटेड कोविड अस्पताल स्थापित किया गया है। शासकीय डेडिकेटेड कोविड हास्पिटल में 5 हजार 294 बेड तथा कोविड केयर सेंटर में 16 हजार 395 बेड तैयार किए गए हैं। निजी कोविड अस्पताल में कुल 9 हजार 596 बेड तैयार किए गए हैं। कुल उपलब्ध वेंटिलेटर एक हजार 151 हैं। ऑक्सीजेनेटेड बेड की संख्या बढ़ाये जाने हेतु राज्य में 15 नए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांटॅस स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 9 प्लांट्स प्रक्रियाधीन हैं जो अगले एक सप्ताह में स्थापित हो जाएंगे। इसी तरह रायपुर मेडिकल कालेज में एक विशेष टेलीकंसल्टेशन हब स्थापित किया गया है जिसके माध्यम से मई 2020 से कॉलेज के विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रत्येक दिन सभी शासकीय डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उन्हें टेलीकंसल्टेशन प्रदाय की जाती है तथा आवश्यकता पड़ने पर टेली राउंड भी लिए जाते हैं। अब तक राज्य में 2.5 लाख से अधिक लोगों को होम आइसोलेशन प्रदाय किया गया है जिसमें 90 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। होम आइसोलेटेड मरीजों की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में कण्ट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है। छत्तीसगढ़ में कोरोना टीकाकरण धीरे-धीरे जन आंदोलन का रूप लेते जा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश में टीकाकरण का काम जोरों पर है। 45 वर्ष से अधिक आयु समूह को कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज देने में छत्तीसगढ़ राज्य का स्थान पूरे देश में चौथा है। पूरे देश में सिर्फ लद्दाख, सिक्किम और त्रिपुरा ही छत्तीसगढ़ से आगे हैं। यदि 60 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की बात करें तो छत्तीसगढ़ पूरे देश में लद्दाख, राजस्थान, सिक्किम और त्रिपुरा के बाद पांचवे स्थान पर हैं। वर्तमान में राज्य में प्रतिदिन औसतन 2.13 लाख व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में 88 प्रतिशत हेल्थकेयर वर्कर, 100 प्रतिशत फ्रंट लाईन वर्कर एवं 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 73 प्रतिशत हितग्राहियों को टीकाकरण की प्रथम डोज दी गई है। 62 प्रतिशत हेल्थ केयर वर्कर, 59 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्कर और 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 6 प्रतिशत नागरिकों को दूसरा डोज दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि यह समय है जब हम सब संगठित होकर कोरोना से बचाव के नियमों का कड़ाई से पालन करें और अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करें। राज्य के प्रत्येक जिले में डेडिकेटेड कोविड अस्पताल स्थापित

04 May 2021 10:03AM,
by: Thaneshwar sahu
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दुर्ग: सोशल मीडिया में नेहरू नगर, सेक्टर-7 एवं सेक्टर-10 में कंटेनमेंट जोन बनाये जाने के संबंध में सोशल मीडिया में कुछ भ्रामक एवं गलत जानकारियाँ वायरल हुई हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर ने इसका खंडन किया है और लोगों से ऐसी भ्रामक जानकारियों से बचने की अपील की है। साथ ही ऐसी किसी भ्रामक जानकारी को प्रसारित नहीं करने की अपील भी की है। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन बनाने का निर्णय सैंपलिंग के आधार पर पाजिटिव आने वाले मामलों की संख्या के आधार पर निर्धारित होता है। अनुपात से अधिक पाजिटिव आने पर संक्रमण की रोकथाम सुनिश्चित करने कंटेनमेंट जोन बनाये जाते हैं यह प्रोटोकाल के तहत किया जाता है और नेहरू नगर, सेक्टर-7 एवं सेक्टर-10 में भी इसी के चलते कंटेनमेंट जोन बनाने का निर्णय लिया गया। सोशल मीडिया में इसे लेकर कुछ गलत जानकारियाँ वायरल हुई हैं यह प्रशासन के संज्ञान में आया है। डॉ. ठाकुर ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि कोविड को लेकर भ्रामक जानकारियों से बचें। किसी भी तरह की दुविधा होने पर कंट्रोल रूम में संपर्क करें ताकि वस्तुस्थिति की सही जानकारी प्राप्त हो सके।

04 May 2021 08:46AM,
by: Thaneshwar sahu