Thaneshwar sahu

Generic placeholder image

बीजापुर :बीजापुर ब्लाक के धुर नक्सली क्षेत्र गंगालूर के समीप किकलेर से रेड्डी तक 5 किमी सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण का कार्य सुरक्षा बलों की सक्रिय सहभागिता से प्रगति पर है। जो विभिन्न गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ेगा, वर्षो पुरानी ग्रामीणों की मांग अब पूरी होगी। डीआईजी सीआरपीएफ कोमल सिंह एवं कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल आज सड़क निर्माण के कार्यों का निरीक्षण करने ग्राम पंचायत रेड्डी पहुंचे। कलेक्टर के आने की खबर पर ग्रामीणों ने कलेक्टर से अपनी विभिन्न मांगों एवं मूलभूत समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीणों के मांग पर त्वरित निराकरण करते हुए कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर निर्देश दिये। ग्रामीणों की मुख्य मांग में कोरोनाकाल में जीविका के साधन की कमी बतायी। जिस पर कलेक्टर अग्रवाल द्वारा मनरेगा अंतर्गत डबरी निर्माण, तालाब निर्माण, भूमि समतलीकरण सहित रोजगारमूलक कार्यों को तत्काल स्वीकृत किये। वहीं सड़क निर्माण के कार्यों से ग्रामीण बहुत खुश हुए ग्रामीणों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति में सड़क का ना होना एक बहुत बड़ी समस्या थी। जिला एवं ब्लाक मुख्यालय से बारिश के दिनों में सम्पर्क टूट जाता था। जिसके वजह से राशन, आवागमन, स्कूली बच्चों को शिक्षा संबंधी परेशानी होती थी, आपातकालीन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उपलब्ध नहीं हो पाती थी, एम्बुलेंस जैसे सुविधाओं से वंचित होना पड़ता था, स्वास्थ्य अमला की पहुंच भी गांव तक नहीं हो पाती थी। ग्रामीणों से चर्चा के दौरान कलेक्टर श्री अग्रवाल ने ठेकेदार एवं संबंधित विभाग को सड़क निर्माण में तेजी लाकर बारिश के पूर्व सड़क निर्माण पूर्ण करने एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क बनाने के निर्देश दिये।

25 May 2021 08:10AM,
by: Thaneshwar sahu
Generic placeholder image

कोण्डागांव, बस्तर संभाग में हरा सोना के नाम से विख्यात तेंदूपत्ता के संग्रहण का समय आते ही वनवासियों के चेहरों में खुशी की लहर दौड़ जाती है। तेंदूपत्ता कोण्डागांव के वनांचलों में बहुतायत मात्रा में प्राप्त होता है। यह जनजातिय संस्कृति का भाग होने के साथ आर्थिक दृष्टिकोण से भी वनवासियों के लिए आवश्यक है। पहाड़ी-पठारीय क्षेत्र होने एवं खेती के वर्षा पर निर्भरता के कारण ग्रीष्म ऋतु में वनांचलों की आय का एकमात्र साधन तेंदूपत्ता संग्रहण होता है। ऐसे में वर्ष 2021 के प्रारंभ के बाद लगातार बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण के कारण तेंदूपत्ता संग्रहण के इस सीजन में लाॅकडाउन का ग्रहण लग गया था। जिससे बैंकों में लेन-देन केवल सीमित मात्रा में किया जाने लगा। इससे ग्रामीणों को तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि जो कि उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे अंतरित की जाती थी, प्राप्त करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन एवं वन विभाग के द्वारा राज्य शासन को तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि नगद हस्तांतरण की अनुमति प्रदान करने हेतु पत्राचार किया गया। जिसपर राज्य शासन द्वारा वनावासियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए नगद भुगतान हेतु जिला प्रशासन को अनुमति प्रदान कर दी। इस पर कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा सभी लघु वनोपज समितियों को नगद भुगतान का आदेश जारी किया गया।

24 May 2021 04:07PM,
by: Thaneshwar sahu