Thaneshwar sahu

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दन्तेवाड़ा :दंतेवाड़ा जिले में कुपोषण को प्रभावी रूप से समाप्त करने हेतु मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरुआत की गई थी। इसके अंतर्गत सुपोषण केंद्रों के माध्यम से 1 से 3 वर्ष के बच्चों शिशुवती माताओं एवं शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को प्रतिदिन गर्म भोजन प्रदान किया जाता रहा है। जिसमें चावल, दाल, सब्जी, रोटी, अंडा, लड्डू, अंकुरित अनाज और आचार दिया जाता है। साथ ही गर्भवती माताओं एवं तीन से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित आहार के अलावा प्रतिदिन अंडा एवं लड्डू दिया जाता है। जिले में 3 हजार 164 शिशुवती माता, 2 हजार 914 शाला त्यागी किशोरी बालिका, 6 हजार 748 एक से तीन वर्ष के बच्चे, 2 हजार 924 गर्भवती माता, 9 हजार 592 तीन से छः वर्ष के बच्चे हितग्राही के रुप में सम्मिलित हैं। जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के क्रियान्वयन के फलस्वरूप कुपोषण में कमी देखी गई है। जिले में इसका प्रारंभ 24 जून 2019 से किया गया था। इसके उपरांत 2 फरवरी 2020 में योजना संचालित ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के वजन में वृद्धि देखी गई। जून 2019 की तुलना में फरवरी 2020 में कुपोषण में 4.53 प्रतिशत की कमी आई है। जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा कोविड-19 के संक्रमण से रोकथाम के व्यापक इंतजाम के साथ ही लॉकडाउन अवधि में जरूरतमंदों को हर संभव मदद की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री दीपक सोनी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत् जिले के चिन्हांकित हितग्राहियों को पात्रतानुसार सूखा राशन-चावल,दाल,खड़ा मूंग एवं सोयाबीन बड़ी, तथा गुड़ के पैकेट बनाकर हितग्राहियों के घर-घर जाकर वितरित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका अपने-अपने आंगनबाड़ी अंतर्गत दर्ज हितग्राहियो के घर-घर जाकर राशन के पैकेट पहुंचा रही है। 18 हजार 111 हितग्राहियों को सूखा राशन दिया गया।

09 Dec 2020 12:02PM,
by: Thaneshwar sahu
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धमतरी वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए जिले में स्थित देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों के व्यवस्थापन के संबंध में मंगलवार 08 दिसम्बर को अपराह्न जिला आबकारी सलाहकार समिति की बैठक जिला पंचायत की सी.ई.ओ. श्रीमती नम्रता गांधी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी श्री मोहित जायसवाल ने देशी, विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों की व्यवस्थापन प्रणाली, मदिरा की ड्यूटी दरें, दुकानें बंद करने, स्थानांतरित करने, दुकानों की अवस्थिति, भण्डारण एवं भाण्डागार खोलने, बंद करने, सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा प्रदाय के इश्यू प्राइस की दर एवं कांच की बोतल की समीक्षा, शुष्क दिवस, अहाता अनुज्ञप्ति, फुटकर विक्रय दरों का निर्धारण सहित एफएल-3 होटल, बार अनुज्ञप्ति, विदेशी मदिरा पर अंतरराज्यीय आयात पर शुल्क, विदेशी मदिरा निर्माण के लिए आयात शुल्क, विभिन्न प्रकार की अनुज्ञप्तियों के लायसेंस फीस का निर्धारण, छत्तीसगढ़ आबकारी देशी/विदेशी मदिरा की फुटकर बिक्री के अनुज्ञापनों के व्यवस्थापन सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा ठाकुर सहित सलाहकार समिति के सदस्य एवं विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे। आबकारी सलाहकार समिति की बैठक में हुई विभिन्न एजेण्डों पर चर्चा

09 Dec 2020 11:31AM,
by: Thaneshwar sahu
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महासमुंद : पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जगदीशपुर में शौचालय निर्माण की हितग्राहियों की प्रोत्साहन राशि का अनुचित ढंग से शासकीय राशि का दुरूपयोग करने वालों पर कार्यवाही की गई। शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि भुगतान नहीं किए जाने भूतपूर्व सरपंच को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में संबंधित शिकायत पत्र अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुणाल दुदावत पिथौरा से प्राप्त हुआ था। शिकायत पत्र की त्वरित जांच करने के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप कुमार प्रधान ने तीन सदस्यीय टीम गठित की। इनमें वरिष्ठ आंतरिक लेखा एवं करारोपण अधिकारी सुशील कुमार चैधरी, सहायक करारोपण अधिकारी ईश्वर सिंह ठाकुर, कलस्टर समन्वयक अशोक साहू शामिल थे। जांच समिति द्वारा 07 नवम्बर एवं 10 नवम्बर 2020 को ग्राम पंचायत भवन जगदीशपुर में शिकायतकर्ता एवं शौचालय हितग्राहियों की उपस्थिति में बयान दर्ज एवं अभिलेखों का परीक्षण कर जांच किया गया।

09 Dec 2020 10:28AM,
by: Thaneshwar sahu
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जगदलपुर :कलेक्टर एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष रजत बंसल के पहल पर बेगलुरू कर्नाटक से गुमशुदा 80 वर्षीय बुजुर्ग अपने पोते के पास पहंुचेगी। लगभग एक वर्ष से कर्नाटक बेगलुरू से बुजुर्ग माता घर से निकल कर कहीं चली गई। गुमशुदा नानी की तलाश परिजन कर रहे थे। बुजुर्ग माता लाॅकडाऊन शुरू होने के दौरान मार्च माह में लवारिस स्थिति बस्तर जिला के तोकापाल पहुंच गयी। जहां कलेक्टर बंसल के निर्देश पर बुजुर्ग माता को तत्कालीन एसडीएम तोकापाल माधुरी सोम द्वारा धरमपुरा स्थित आस्था निकुंज रेडक्रॉस वृद्धाश्रम में शिफ्ट करवाया गया था। इसी दौरान अध्यक्ष रेडक्रॉस सोसायटी बंसल ने उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर एम. चेरियन को निर्देशित किया कि बुजुर्ग माता के घर का पता कर उनको घर पहुंचाना है। चंूकि जब शिफ्ट करवाया गया था तब से वो किसी से बात नहीं करती, रोते रहती थी। धीरे धीरे वृद्धाश्रम के अन्य माताओ प्रबंचक ठाकुर जी एवं अन्य से मिलने लगी। फिर कन्नड़ में अलेक्जेंडर चेरियन से बात करने में पता चला कि वो बेंगलुरू कर्नाटक की है और उनके सामान को खोजा गया तो एक आधा मिटा हुआ नम्बर मिला जिसे जोड़कर काल करने पर एक दो नम्बर में बात हुआ और उनको माताजी के बारे में बताया गया। जब एक नंबर में बात हुआ तो डरते हुए एक व्यक्ति ने कहा कि उनकी नानी लगभग एक साल से गुम हो गयी हैं। उनको वीडियो काॅल कर माता जी को दिखाया गया, तब उन्होनें माता जी को पहचान लिया। फिर उनसे पूछा गया तो व्यक्ति ने अपना परिचय के. सेन्दील, माता जी के पोता के रूप में बताया। उनसे कन्नड़ और हिन्दी में बात कर बताया गया कि वे अपनी माता को ले जाना चाहते हैं तो उसकी व्यवस्था कलेक्टर एवं अध्यक्ष के द्वारा कर दिया जाएगा। सेन्दील के. ने बताया कि वे कूली का काम करते हैं उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं , इसलिए ले जाने में तकलीफ हैं। सेन्दील कुमार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री रजत बंसल ने उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर एम. चेरियन को निर्देश दिया कि माता जी को उनके घर तक निःशुल्क सकुशल पहंुचाया जाए। अब माता जी को बेंगलुरू भेजने की तैयारी हो रही है। उल्लेखनीय है कि लाॅकडाऊन में कलेक्टर एवं अध्यक्ष रजत बंसल के मानवियता के कारण गुमशुदा को घर तक पहुचाने का ये तीसरा प्रकरण हैं। कर्नाटक के ही शिवप्रकाश जो लगभग दस वर्ष से लापता थे उनको भी लाकडाऊन के दौरान कोरनटाईन वार्ड में तीन महीने तक रखकर रेडक्रॉस द्वारा घर का पता खोजा गया था और कर्नाटक मे उनके घर निजी बस में भेजा गया था।

07 Dec 2020 12:09PM,
by: Thaneshwar sahu
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कवर्धा :अगर आप अपनी फैमली के साथ छुट्टियों में सैर-सपाटे के शौकिन है या देश के प्रमुख प्रर्यटन स्थल जैसे दार्जलिंग, शिमला, कुल्लु-मनाली या फिर उंटी के शौक रखते है तो आपको उन भी पर्यटन स्थलों की अनुभूति छत्तीसगढ़ में मिल सकती है। छत्तीसगढ़ के मैकल पर्वत श्रृंख्ला की चोटी चिल्फी के सरोदा दादर में शिमला जैसे ठंड की अनुभूति और आनंद मिल सकता है। दरअसल संपूर्ण कबीरधाम की वादियां मैकल पर्वल की विशाल श्रृंख्ला की तलहटी पर बसा हुआ है। इस हिस्से को सतपुड़ा के घने जंगल का क्षेत्र भी कहा जाता है। यह तस्वीर उसी विशाल मैकल पर्वत श्रृंख्ला की एक हिस्से की है, जहां पर्यटन संभावना को आकार दिया गया है।

07 Dec 2020 12:09PM,
by: Thaneshwar sahu