Thaneshwar sahu

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दन्तेवाड़ा : जिला दन्तेवाड़ा में नक्सल क्षेत्र से प्रभावित होते हुए यंहा के आदिवासियों ने अपने बच्चों को किसी भी क्षेत्र आगे बढ़ने से अछूता नहीं रखा। सुदूर अंचल के बच्चें पढ़ने-लिखने में भी पिछे नही हैं। यहां के बच्चों ने यह साबित कर दिया है। जिला प्रशासन ने इनकी पढ़ने की लगन और मेहनत को सराहा। साथ ही बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया। आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के उज्जवल भविष्य को देखते हुए प्रशासन ने नई पहल की शुरूआत की। बच्चों की आगे बढ़ने की इस लगन को देखकर सुदूर अंचल के आश्रम/छात्रावासों में एलुमिनियम गंज, कढ़ाई ,एलइडी बल्ब, सीलिंग पंखा, वेटिंग चेयर स्अील, अलमीरा फुल साइज, एक्जिकेटिव टेबल, एक्जिकेटिव चेयर, एवं खेल सामग्री छात्रावास आश्रम में प्रदाय किए गए। साथ ही बच्चों को अनेक सुविधाएं भी दी जा रही है, जिससे बच्चों को पढ़ने-लिखने में परेशानियों का सामना न करना पड़े। वर्ष 2019-20 में जिला खनिज न्यास निधि मद के अंतर्गत जिले के सुदूर अंचलों में संचालित विभागीय आश्रम छात्रावासों हेतु आवश्यक सामग्री प्रदाय कार्य विभिन्न सामग्री दिए जाने 2 करोड़ 19 लाख 83 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। प्राप्त स्वीकृति के आधार पर जिले के सुदूर अंचलों में संचालित आश्रम छात्रावासों में निवासरत छात्र छात्राओं हेतु उक्त सामग्री उपलब्ध कराई गई ताकि छात्र छात्राओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े। जिले में संचालित 130 विभागीय आश्रम/छात्रावासों तथा विशिष्ट संस्थाओं हेतु खेल सामग्री प्रदाय किए जाने राशि 20 लाख 63 हजार 5 सौ 66 रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त के आधार पर जिले में संचालित 130 आश्रम/छात्रावासों तथा विशिष्ट संस्थाओं में निवासरत 7605 छात्र तथा 5575 छात्राएं कुल 13180 छात्र छात्राओं को उनके शारीरिक स्वास्थ्य एवं मनोरंजन कार्य हेतु खेल सामग्री प्रदान किया गया।

12 Dec 2020 03:13PM,
by: Thaneshwar sahu
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दंतेवाड़ा : दंतेवाड़ा की भेौगोलिक संरचना ही ऐसी है कि यहां सिंचाई सुविधा को दुरुस्त करना शासन के लिए चुनौती पूर्ण है। यहां की बसाहट छोटे छोटे पारों तथा यहां लोगों के पास खेती योग्य जो जमीन है वो भी छोटे छोटे एवं दूर-दूर है। जिसकी वजह से सभी तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। परंतु राज्य शासन की योजनाओं को जिले के सिंचाई विभाग ने कलेक्टर श्री दीपक सोनी के निर्देशानुसार इस तरह से धरातल पर क्रियान्वित किया है जो सराहनीय है। जल संसाधन विभाग ने जिले में एनी कट निर्माण एवं नहरों का जीर्णद्धार का कार्य योजनाबद्ध तरीके से करके ना केवल जिले में सिंचाई की उपलब्धता को बढ़ाया है बल्कि किसानों के जीवन को भी खुशहाल बनाया है। जल संसाधन संभाग दंतेवाड़ा के अंतर्गत 28 निर्मित लघु सिंचाई योजनाएं एवं 08 एनीकट निर्मित हैं। इनमें पालनार एनीकट, बेंगलूर एनीकट, मोलसनार एनीकट, बालोद एनीकट, परचेली एनीकट, बारसूर एनीकट, बड़े कमेली एनीकट, अलनार एनीकट, जिसका कुल 9 सौ 32 हेक्टेयर में से लगभग 3 सौ 82 कृषक लाभान्वित हुए हैं। लघु सिंचाई योजनाओं में बारसूर तालाब, कारली, गुमड़ा, फरसपाल, गीदम नाला व्यपवर्तन, फून्डरी उद्वहन योजना, फरसपाल उद्वहन, बिंजाम उद्वहन, टेकनार तालाब, बालपेट उद्वहन योजना, भोगाम उद्वहन, बालूद तालाब, डेगलरास तालाब, चितालूर तालाब, गंजेनार तालाब, कुम्हररास तालाब, भैरमबंद तालाब, गमावाड़ा व्यपवर्तन, नरेली व्यपवर्तन, बासनपुर व्यपवर्तन, गोडरे व्यपवर्तन, बालूद उद्वहन, दंतेवाड़ा व्यपवर्तन, रेंगानार व्यपवर्तन, पालनार तालाब, कुआकोंडा तालाब, तारोली व्यपवर्तन, क्रमांक-1 तारोली व्यपवर्तन क्रमांक-2 में कुल 28 निर्मित लघु सिंचाई योजनाएं योजनाओं की अंकित सिंचाई क्षमता 7341 है हेक्टेयर है। योजनाओं से पूर्व 2018-19 में 902 हेक्टेयर एवं वर्ष 2019-20 में 1595 क्षेत्र में सिंचाई किया गया है। जल संसाधन सभांग दन्तेवाड़ा अन्तर्गत वर्ष 2019-20 में 07 कार्य- रेंगानार व्यपवर्तन योजना का जीर्णोद्धार, तारोली व्यपवर्तन योजना का जीर्णोद्धार, गंजेनार तालाब योजना का जीर्णोद्धार, गोडरे व्यपवर्तन योजना का जीर्णोद्धार, बड़े कारली एनीकध्अ, तोयलंका एनीकट, भुसारास एनीकट प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई। जिसकी कुल लागत रूपये 1310.88 लाख है। जिसमें 04 कार्य नहर जीर्णोद्धार के एवं 03 कार्य एनीकट निमार्ण के हैं। वर्तमान में विभाग अन्तर्गत 11 निमार्ण कार्य प्रगति पर हैं, जिसमें 01 कार्य जलाशय, 05 एनीकट निमार्ण कार्य एवं 05 नहर जीर्णोद्धार के कार्य हैं। निमार्ण कार्यों के पूर्ण होने पर जलाशय से 268 हेक्टेयर एनीकटों से 725 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र निर्मित होंगे। नहर जीर्णोद्धार के कार्य पूर्ण होने पर 2875 हेक्टेयर में सिंचाई में वृद्धि हुई है।

12 Dec 2020 03:13PM,
by: Thaneshwar sahu
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नयी दिल्ली:कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि सरकार भीषण ठंड के बावजूद आंदोलन करने को मजबूर किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है इसलिए उसे बताना चाहिए कि किसानों को अभी कितनी आहुति देनी होगी।श्री गांधी ने शनिवार को कहा, कृषि कानूनों को हटाने के लिए हमारे किसान भाइयों को और कितनी आहुति देनी होगी। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप ंिसह सुरजेवाला ने कहा, पिछले 17 दिनों में 11 किसान भाईयों की शहादत के बावजूद निरंकुश मोदी सरकार का दिल नहीं पसीज रहा। वह अब भी अन्नदाताओं के साथ नहीं, अपने धनदाताओं के साथ क्यों खड़ी है। देश जानना चाहता है-‘राजधर्म’ बड़ा है या ‘राजहठ’ किसान आंदोलन।’ उन्होंने कहा, ‘ लोकतंत्र में निरंकुशता का कोई स्थान नहीं। आप और आपके मंत्रियों की नीति हर विरोधी को माओवादी और देशद्रोही घोषित करने की है। भीषण ठंड और बरसात में जायजÞ माँगों के लिए धरने पर बैठे अन्नदाताओं से माफÞी माँगिए और उनकी माँगें तत्काल पूरी करिए।’ राहुल ने पूछा - किसानों को और कितनी आहुति देनी होगी

12 Dec 2020 02:48PM,
by: Thaneshwar sahu